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सीएमपी पहल

सीएमपी रिपोर्ट (01-01-2014 को अद्यतित)


स्वाभाविक रूप से प्रत्येक बच्चे को रचनात्मक, सशक्त और क्षमताओं से भरा माना जाता है | सीएमपी इन पहलुओं के साथ बच्चों के बारे में विचार करता है: -

सीएमपी के प्रमुख क्षेत्र है ,

1 . स्कूल में मूलभूत सुविधाएं

2 . स्कूल प्रबंधन और माता पिता का समर्थन

3 . स्कूल और कक्षा का वातावरण

4 . पाठ्यक्रम और शिक्षण अधिगम सामग्री

5 . अध्यापन की तैयारी

6 . क्लास रूम को अंतर्गत अभ्यास और प्रक्रिया

7 . सीखने की अवधि

8 . विद्यार्थियों का ' मूल्यांकन , निगरानी और पर्यवेक्षण

सहायक प्रणाली का विकास

( १  ) प्रति माह दो हजार रूपये शिक्षण एवं अधिगम सामग्री के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है

(ii. उच्च क्षमता वाले प्रतिलिपि यंत्र को बच्चों के विकास के लिए उपलब्ध है

(iii) गतिविधि कक्ष सह संसाधन निम्न संयंत्रों  से सुसज्जित है .

ओवरहेड प्रोजेक्टर

एलसीडी प्रोजेक्टर

रंगीन टीवी ( न्यूनतम 29 इंच )

ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के साथ दो डेस्कटॉप कंप्यूटर

रंगीन मार्कर के साथ व्हाइट बोर्ड

चुंबकीय बोर्ड

प्राथमिक स्तर पर  कक्षा पुस्तकालय

कहानी की किताबें , कॉमिक्स , कथा , बच्चों की पत्रिकाएं, बच्चों के विश्वकोश में उपलब्ध हैं और बच्चों के द्वारा प्रयोग किया .


सतत निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली

प्रधानाध्यापक की निगरानी में कम से कम एक बार 30 दिनों के चक्र में प्रत्येक वर्ग के सभी विषयों के शिक्षकों के साथ गहन चर्चा कर विद्यालयीन शिक्षा की निगरानी करते है .

स्कूल स्तर पर प्रधानाध्यापक सभी कार्यवाही की समीक्षा करते हें वे सभी की अभ्यास्पुस्तिका , गतिविधि योजना किताबें, और प्राथमिक शिक्षकों की वर्कशीट की जाँच करते है .वे सभी शिक्षकों के प्रतिदर्श कक्षा और कम अवधि की कार्यशालाओं के आयोजन के लिए समन्वयक के रूप में काम करते है .

प्राचार्य एक महीने के एक चक्र में प्राथमिक अनुभाग का कम से कम 5 वर्गों का निरीक्षण करते है .

बच्चों के अनुकूल पाठ्यक्रम के लिए समय सारणी में वांछित बदलाव

प्रत्येक विषय के लिए एक सप्ताह में दो सम्मिलित कालांश का एक बार आवंटित किया जाता  हैं .

AHPL पाठयक्रम विषयों के साथ एकीकृत किया जा रहा है .

प्रथम और द्वितीय श्रेणी में दो से अधिक अध्यापकों को कक्षा नहीं दी जाती है.

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में तीन से अधिक अध्यापकों को कक्षा नहीं दी जाती है .

पाँचवी कक्षा में अधिक से अधिक चार शिक्षकों को कक्षाएँ दी जाती है.

बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा को निखारने एवं उन्हें मौका प्रदान करने के लिए कार्यक्रम .

योजनाएँ कभी विफल नहीं होती , हम उन्हों नियोजित करने में विफल होते है.

उच्च क्षमता वाले प्रतिलिपि यंत्र द्वारा कार्यपत्रकों , प्रश्न बैंक , क्रियाकलाप योजना , कक्षा परीक्षा  के कागजातों को तैयार किया जाता है .

चित्रांकन , कविता पाठ , कहानी , पाठ्य सहगामी क्रिया के अंतर्गत नाटिका , प्रहसन , नृत्य आदि कार्यक्रम कराए जाते हैं

प्रशिक्षित खेल कूद विशेषज्ञों द्वारा बच्चों को कुशल बनाया जाता है .

पहली कक्षा के बच्चों के लिए विद्यालय की नियमावली सिखाने जैसे कार्यक्रम निर्धारित हैं  .

समय समय पर स्वास्थ्य की जाँच की जाती है .

बुजुर्ग अभिभावकों के लिए विशेष उत्सव का आयोजन किया जाता है  .

प्रश्नोत्तरी  प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है  .

हिन्दी पखवाडा उत्सव का आयोजन किया जाता है  .

सीसीए और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता  है.

दिसंबर में सामूहिक भोज आयोजित की जाती है .

14 नवंबर को बाल दिवस को मनाया जाता है  .

संकुल के द्वारा बाल सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल क्रीड़ा महोत्सव एवं कब बुलबुल उत्सव का आयोजन किया जाता है.

जनवरी माह में शैक्षिक भ्रमण आयोजित की जाती है .

प्राथमिक बच्चों के लिए हर सप्ताह शैक्षिक फ़िल्में दिखाई जाती हैं

लघुपत्रिका शीघ्र ही प्रकाशित किए जाने की योजना है  .

सीसीए कार्यक्रम में जन भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है .

5 . बच्चे को प्रेरित करने के लिए एक माहौल बनाना

शिक्षण से ज्यादा जोर बच्चों के सहज सीखने पर दिया जाता है ताकि वे अपने ज्ञान को बाहरी दुनिया से जोड़ सकें.

हम निम्न चीजों के ना लागू होने के प्रति बहुत सतर्क है

तोता रटंत पद्धति

शारीरिक दंड और

लिंग , जाति , नस्ल और धर्म के आधार पर भेदभाव .

शिक्षक इस तरीके से अपनी शैक्षणिक पद्धातिओं का अलग प्रारूप बनाते हैं ताकि वे ‘पढ़ने के लिए सीखने’ के बजाए ‘सीखने के लिए पढ़ने’ की और प्रवृत्त हो सकें.  .

बच्चों की भाषा दक्षता प्राथमिक शिक्षा का महत्वपूर्ण क्षेत्र है यह शिक्षकों द्वारा ध्यान रखा जाता है . मंद गति विद्यार्थिओं की पहचान कर ली जाती है और उनके लिए विशेष योजनाएं बनाकर उनका खयाल रखा जाता है ( निदानात्मक  और उपचारात्मक कार्रवाई ) .

गतिविधि आधारित शिक्षण के विभिन्न अवसरों के द्वारा बच्चों की क्षमताओं को निखारा जाता है

हम निम्न चीजों का बढ़ावा देकर अभ्यास करातें  हैं : -

पूछताछ      अन्वेषण     प्रश्न करना

वाद विवाद   लागू करना    प्रतिक्रिया करना  .

पाठ योजना के पांच बिंदु

1 . जुड़ा रहना  - आदर्श वाचन , लेखन

2 . अन्वेषण आँकड़ों का संग्रह व समस्या समाधान

3 . स्पष्टीकरण- समान विचारों का प्रस्तुतिकरण

4 . विस्तार - गतिविधियों द्वारा बच्चे की समझ का विकास

5 . मूल्यांकन अध्यापको स्वयं तरीकों का विकास करेंगें  .

हमारी प्रतिबद्धता -

हमारे शिक्षकों विद्यार्थियों , केंद्रीय विद्यालय संगठन , समाज और राष्ट्र के प्रति  प्रतिबद्ध हैं.

रिपोर्ट -शिवरंजन  साहू, प्रधान अध्यापक(प्राथमिक)